विटामिन, पोषण एवं कमी से होने वाले रोग

विटामिन, पोषण एवं कमी से होने वाले रोग

विटामिन, पोषण एवं कमी से होने वाले रोग

Vitamins, Nutrition and Deficiency Diseases

विषय: सामान्य विज्ञान (General Science)
श्रेणी: जीव विज्ञान (Biology)
उपयोगी परीक्षाएँ: SSC, Railway, NTPC, Group D, UP Police, अन्य सरकारी प्रतियोगी परीक्षाएँ
वेबसाइट: MyGyanHub.com

अध्याय 1: पोषण क्या है?

पोषण वह जैविक प्रक्रिया है जिसके माध्यम से जीव भोजन ग्रहण करते हैं और उससे ऊर्जा तथा आवश्यक पोषक तत्त्व प्राप्त करते हैं। ये पोषक तत्त्व शरीर की वृद्धि, विकास, ऊतकों की मरम्मत, रोगों से बचाव और सामान्य शारीरिक क्रियाओं को बनाए रखने में सहायता करते हैं।

मानव शरीर को स्वस्थ रहने के लिए संतुलित आहार की आवश्यकता होती है।

1.1 संतुलित आहार क्या है?

ऐसा आहार जिसमें शरीर की आवश्यकताओं के अनुसार सभी प्रमुख पोषक तत्त्व उचित मात्रा में उपलब्ध हों, संतुलित आहार कहलाता है।

संतुलित आहार में सामान्यतः निम्नलिखित शामिल होते हैं:

  1. कार्बोहाइड्रेट
  2. प्रोटीन
  3. वसा
  4. विटामिन
  5. खनिज लवण
  6. जल
  7. आहारीय फाइबर या रेशा

आवश्यक पोषक तत्त्वों की मात्रा व्यक्ति की आयु, शारीरिक गतिविधि, स्वास्थ्य और अन्य परिस्थितियों के अनुसार बदलती है।

1.2 पोषक तत्त्वों के प्रमुख कार्य

पोषक तत्त्वमुख्य कार्यप्रमुख स्रोत
कार्बोहाइड्रेटशरीर को ऊर्जा देनाचावल, गेहूँ, आलू
प्रोटीनवृद्धि और ऊतकों की मरम्मतदालें, दूध, अंडे
वसाऊर्जा संग्रह एवं कोशिका संरचनातेल, मेवे, बीज
विटामिनशरीर की विभिन्न जैविक क्रियाओं में सहायताफल, सब्जियाँ, अन्य खाद्य पदार्थ
खनिजहड्डियों, रक्त और एंजाइमों के कार्य में सहायतादूध, दालें, सब्जियाँ
जलतापमान नियंत्रण एवं पदार्थों का परिवहनपानी एवं पेय पदार्थ
फाइबरपाचन और मल त्याग में सहायतासाबुत अनाज, फल, सब्जियाँ

अध्याय 2: विटामिन क्या हैं?

विटामिन ऐसे कार्बनिक सूक्ष्म पोषक तत्त्व हैं जिनकी शरीर को सामान्य वृद्धि, विकास और स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए कम मात्रा में आवश्यकता होती है।

अधिकांश विटामिन शरीर में पर्याप्त मात्रा में नहीं बनते। इसलिए उन्हें भोजन से प्राप्त करना आवश्यक होता है। विटामिन D त्वचा में सूर्य के प्रकाश की सहायता से बन सकता है। इसके अतिरिक्त शरीर कुछ अन्य विटामिनों की सीमित मात्रा बना सकता है या कुछ विटामिनों के निर्माण में आंतों के सूक्ष्मजीव योगदान दे सकते हैं।

विटामिन सीधे ऊर्जा प्रदान नहीं करते, लेकिन ऊर्जा के उपयोग और अन्य महत्त्वपूर्ण जैविक प्रक्रियाओं में सहायता करते हैं।

2.1 विटामिन की खोज का संक्षिप्त इतिहास

विटामिनों के अध्ययन का विकास पोषण विज्ञान के इतिहास में महत्त्वपूर्ण रहा है।

  • क्रिस्टियान आइकमैन: बेरी-बेरी रोग और आहार के बीच संबंध का अध्ययन किया।
  • फ्रेडरिक गौलैंड हॉपकिंस: आवश्यक सहायक खाद्य कारकों के महत्त्व को समझाने में योगदान दिया।
  • कैसिमिर फंक: 1912 में ‘विटामिन’ शब्द को प्रचलित किया।

इन वैज्ञानिकों के कार्यों ने यह समझने में सहायता की कि केवल कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा वाला आहार पर्याप्त नहीं है।

अध्याय 3: विटामिनों का वर्गीकरण

विटामिनों को घुलनशीलता के आधार पर दो प्रमुख समूहों में बाँटा जाता है।

3.1 वसा में घुलनशील विटामिन

इन विटामिनों को शरीर वसा के साथ अवशोषित करता है और इनका कुछ भाग शरीर में संग्रहित हो सकता है।

मुख्य विटामिन:

  • विटामिन A
  • विटामिन D
  • विटामिन E
  • विटामिन K

इन्हें अंग्रेजी में याद रखने के लिए ADEK का उपयोग किया जा सकता है।

महत्त्वपूर्ण तथ्य: इन विटामिनों की अत्यधिक मात्रा, विशेषकर उच्च खुराक वाले सप्लीमेंट के रूप में, शरीर में हानिकारक प्रभाव पैदा कर सकती है।

3.2 जल में घुलनशील विटामिन

इनमें विटामिन B समूह और विटामिन C शामिल हैं।

विटामिन B समूह में प्रमुख विटामिन:

  • B1 — थायमिन
  • B2 — राइबोफ्लेविन
  • B3 — नियासिन
  • B5 — पैंटोथेनिक एसिड
  • B6 — पाइरिडॉक्सिन
  • B7 — बायोटिन
  • B9 — फोलेट
  • B12 — कोबालामिन

विटामिन C का रासायनिक नाम एस्कॉर्बिक एसिड है।

इनमें से कई विटामिनों की अतिरिक्त मात्रा मूत्र के माध्यम से बाहर निकल सकती है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि इनकी अत्यधिक खुराक हमेशा सुरक्षित होती है।

अध्याय 4: विटामिन A

4.1 परिचय

विटामिन A वसा में घुलनशील विटामिन है। यह सामान्य दृष्टि, प्रतिरक्षा प्रणाली, त्वचा और श्लेष्म झिल्लियों के स्वास्थ्य तथा कोशिकाओं के विकास के लिए आवश्यक है।

रासायनिक नाम: रेटिनॉल

4.2 प्रमुख कार्य

  1. कम रोशनी में देखने की क्षमता बनाए रखने में सहायता।
  2. आँखों के सामान्य स्वास्थ्य को बनाए रखना।
  3. प्रतिरक्षा प्रणाली के सामान्य कार्य में योगदान।
  4. त्वचा और श्लेष्म झिल्लियों की सामान्य स्थिति बनाए रखना।
  5. कोशिका विभेदन और विकास में भूमिका।

4.3 प्रमुख स्रोत

  • गाजर
  • शकरकंद
  • कद्दू
  • पालक और अन्य हरी पत्तेदार सब्जियाँ
  • अंडे की जर्दी
  • दूध एवं दुग्ध उत्पाद
  • यकृत

गाजर और हरी पत्तेदार सब्जियों में बीटा-कैरोटीन जैसे कैरोटिनॉइड पाए जाते हैं, जिन्हें शरीर विटामिन A में बदल सकता है।

4.4 कमी से होने वाले रोग

विटामिन A की कमी से निम्न समस्याएँ हो सकती हैं:

  • रतौंधी (Night Blindness)
  • आँखों में सूखापन
  • गंभीर स्थिति में ज़ेरोफ्थैल्मिया
  • कॉर्निया को नुकसान
  • संक्रमणों के प्रति संवेदनशीलता में वृद्धि

परीक्षा तथ्य: विटामिन A की कमी का एक प्रारंभिक और प्रसिद्ध लक्षण रतौंधी है।

4.5 अधिकता के प्रभाव

विटामिन A की अत्यधिक मात्रा से सिरदर्द, मतली, त्वचा में परिवर्तन और यकृत को नुकसान हो सकता है। गर्भावस्था में इसकी अधिकता विशेष रूप से हानिकारक हो सकती है।

अध्याय 5: विटामिन B समूह

विटामिन B समूह में कई अलग-अलग विटामिन शामिल हैं। ये ऊर्जा चयापचय, रक्त कोशिकाओं के निर्माण, तंत्रिका तंत्र और DNA निर्माण जैसी प्रक्रियाओं में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

5.1 विटामिन B1 — थायमिन

रासायनिक नाम: थायमिन
कमी से होने वाला प्रमुख रोग: बेरी-बेरी

कार्य

  • कार्बोहाइड्रेट से ऊर्जा प्राप्त करने में सहायता।
  • तंत्रिका तंत्र के सामान्य कार्य में योगदान।
  • हृदय एवं मांसपेशियों की सामान्य क्रियाओं में भूमिका।

स्रोत

साबुत अनाज, दालें, मेवे, बीज, सूअर का मांस और फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ।

कमी के लक्षण

  • थकान
  • मांसपेशियों में कमजोरी
  • हाथ-पैरों में झनझनाहट
  • तंत्रिका संबंधी समस्याएँ
  • गंभीर स्थिति में हृदय संबंधी समस्याएँ

परीक्षा तथ्य: विटामिन B1 की कमी से बेरी-बेरी होता है।

5.2 विटामिन B2 — राइबोफ्लेविन

रासायनिक नाम: राइबोफ्लेविन

कार्य

यह शरीर में ऊर्जा उत्पादन से संबंधित एंजाइमों की सहायता करता है।

स्रोत

दूध, दही, अंडे, मांस, हरी सब्जियाँ और फोर्टिफाइड अनाज।

कमी के लक्षण

  • होंठों के कोनों पर दरारें
  • जीभ में सूजन
  • मुँह के आसपास त्वचा में परिवर्तन
  • गले में परेशानी

परीक्षा तथ्य: B2 की कमी को एरिबोफ्लेविनोसिस कहा जाता है।

5.3 विटामिन B3 — नियासिन

रासायनिक नाम: नियासिन

कार्य

यह NAD और NADP जैसे सह-एंजाइमों का हिस्सा है, जो ऊर्जा चयापचय और कोशिकीय प्रतिक्रियाओं में महत्त्वपूर्ण हैं।

स्रोत

मूँगफली, साबुत अनाज, मछली, मांस और दालों में विभिन्न मात्रा में नियासिन या उसके निर्माण के लिए आवश्यक ट्रिप्टोफैन पाया जाता है।

कमी से होने वाला रोग

पेलाग्रा (Pellagra)

इसके प्रसिद्ध लक्षणों को अंग्रेजी में 3 D कहा जाता है:

  1. Dermatitis — त्वचा में सूजन
  2. Diarrhea — दस्त
  3. Dementia — मानसिक स्थिति में गंभीर परिवर्तन

उपचार न मिलने पर गंभीर स्थिति जानलेवा हो सकती है।

परीक्षा तथ्य: विटामिन B3 की गंभीर कमी से पेलाग्रा होता है।

5.4 विटामिन B5 — पैंटोथेनिक एसिड

कार्य

यह कोएंजाइम-A का घटक है और वसा तथा कार्बोहाइड्रेट के चयापचय में योगदान देता है।

स्रोत

यह अनेक खाद्य पदार्थों में पाया जाता है, जैसे साबुत अनाज, अंडे, मांस, दालें और सब्जियाँ।

कमी

इसकी कमी दुर्लभ है। गंभीर कमी में थकान, चिड़चिड़ापन और हाथ-पैरों में जलन जैसे लक्षण हो सकते हैं।

5.5 विटामिन B6 — पाइरिडॉक्सिन

कार्य

  • प्रोटीन चयापचय में सहायता।
  • न्यूरोट्रांसमीटर के निर्माण में योगदान।
  • हीमोग्लोबिन निर्माण में भूमिका।

स्रोत

चना, मछली, आलू, केले, मांस और कुछ साबुत अनाज।

कमी के लक्षण

  • एनीमिया
  • त्वचा में परिवर्तन
  • भ्रम या चिड़चिड़ापन
  • तंत्रिका संबंधी लक्षण

5.6 विटामिन B7 — बायोटिन

कार्य

बायोटिन कई एंजाइमों का सहायक घटक है, जो वसा, कार्बोहाइड्रेट और कुछ अमीनो अम्लों के चयापचय में भाग लेते हैं।

स्रोत

अंडे, मेवे, बीज, दालें और अन्य खाद्य पदार्थ।

कमी

कमी दुर्लभ है, लेकिन इससे बालों का झड़ना, त्वचा पर चकत्ते और तंत्रिका संबंधी लक्षण हो सकते हैं।

5.7 विटामिन B9 — फोलेट

प्रमुख रूप: फोलेट
सप्लीमेंट में सामान्य रूप: फोलिक एसिड

कार्य

  • DNA निर्माण में सहायता।
  • कोशिका विभाजन में भूमिका।
  • लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में योगदान।
  • भ्रूण के तंत्रिका तंत्र के प्रारंभिक विकास में महत्त्वपूर्ण।

स्रोत

हरी पत्तेदार सब्जियाँ, दालें, चना, मटर और फोर्टिफाइड अनाज।

कमी से होने वाली समस्याएँ

  • मेगालोब्लास्टिक एनीमिया
  • थकान और कमजोरी
  • गर्भावस्था में भ्रूण के न्यूरल ट्यूब दोष का बढ़ा हुआ जोखिम

महत्त्वपूर्ण: गर्भधारण की योजना बना रहे लोगों के लिए फोलिक एसिड की आवश्यकता के बारे में चिकित्सकीय सलाह लेना उचित है।

5.8 विटामिन B12 — कोबालामिन

कार्य

  • लाल रक्त कोशिकाओं के सामान्य निर्माण में सहायता।
  • DNA संश्लेषण में भूमिका।
  • तंत्रिका तंत्र के स्वास्थ्य को बनाए रखना।

स्रोत

मछली, मांस, अंडे, दूध और B12 से फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ।

पूर्णतः शाकाहारी आहार लेने वाले लोगों को B12 के विश्वसनीय स्रोतों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

कमी के लक्षण

  • मेगालोब्लास्टिक एनीमिया
  • कमजोरी और थकान
  • हाथ-पैरों में झनझनाहट
  • संतुलन संबंधी समस्याएँ
  • गंभीर या लंबे समय तक कमी में तंत्रिका क्षति

परीक्षा तथ्य: विटामिन B12 की कमी रक्त और तंत्रिका तंत्र दोनों को प्रभावित कर सकती है।

अध्याय 6: विटामिन C

6.1 परिचय

रासायनिक नाम: एस्कॉर्बिक एसिड

विटामिन C जल में घुलनशील विटामिन है। यह कोलेजन निर्माण, घाव भरने, एंटीऑक्सिडेंट सुरक्षा और भोजन से मिलने वाले गैर-हीम आयरन के अवशोषण में सहायता करता है।

6.2 प्रमुख स्रोत

  • आँवला
  • अमरूद
  • संतरा
  • नींबू
  • टमाटर
  • शिमला मिर्च
  • ब्रोकोली

6.3 कमी से होने वाला रोग

स्कर्वी (Scurvy)

इसके लक्षण:

  • मसूड़ों से खून आना
  • घाव देर से भरना
  • त्वचा पर आसानी से नीले निशान पड़ना
  • कमजोरी
  • जोड़ों में दर्द

परीक्षा तथ्य: विटामिन C की कमी से स्कर्वी होता है।

6.4 विटामिन C की विशेषताएँ

  • यह कोलेजन निर्माण के लिए आवश्यक है।
  • यह पौधों से प्राप्त आयरन के अवशोषण में सहायता करता है।
  • यह शरीर में एंटीऑक्सिडेंट के रूप में कार्य करता है।
  • लंबे समय तक गर्मी और पानी में पकाने से भोजन में इसकी मात्रा कम हो सकती है।

अध्याय 7: विटामिन D

7.1 परिचय

प्रमुख रूप: विटामिन D2 — एर्गोकैल्सीफेरॉल; विटामिन D3 — कोलेकैल्सीफेरॉल।

विटामिन D वसा में घुलनशील विटामिन है। यह कैल्शियम और फॉस्फेट के अवशोषण तथा हड्डियों के सामान्य स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है।

7.2 प्रमुख स्रोत

  • सूर्य के प्रकाश की सहायता से त्वचा में इसका निर्माण
  • वसायुक्त मछली
  • अंडे की जर्दी
  • विटामिन D से फोर्टिफाइड दूध या अन्य खाद्य पदार्थ
  • कुछ फोर्टिफाइड अनाज

त्वचा में बनने वाली मात्रा मौसम, समय, त्वचा के रंग, कपड़ों और अन्य कारकों पर निर्भर करती है।

7.3 कमी से होने वाले रोग

बच्चों में:

  • रिकेट्स (Rickets)

वयस्कों में:

  • ऑस्टियोमलेशिया (Osteomalacia)

कमी के अन्य प्रभावों में हड्डियों में दर्द और मांसपेशियों की कमजोरी शामिल हो सकते हैं।

7.4 अधिकता

विटामिन D की अत्यधिक मात्रा से रक्त में कैल्शियम बढ़ सकता है। इससे मतली, उल्टी, कमजोरी, गुर्दे की समस्याएँ और अन्य गंभीर प्रभाव हो सकते हैं।

परीक्षा तथ्य: विटामिन D की कमी बच्चों में रिकेट्स और वयस्कों में ऑस्टियोमलेशिया से जुड़ी है।

अध्याय 8: विटामिन E

रासायनिक नाम: टोकोफेरॉल

विटामिन E वसा में घुलनशील विटामिन है। यह कोशिकाओं की झिल्लियों को ऑक्सीडेटिव क्षति से बचाने में सहायता करता है।

प्रमुख कार्य

  • एंटीऑक्सिडेंट के रूप में कार्य।
  • कोशिका झिल्लियों की सुरक्षा में सहायता।
  • सामान्य प्रतिरक्षा क्रिया में योगदान।

प्रमुख स्रोत

  • सूरजमुखी के बीज
  • बादाम
  • वनस्पति तेल
  • मूँगफली
  • गेहूँ के अंकुर
  • अन्य मेवे और बीज

कमी के लक्षण

विटामिन E की कमी दुर्लभ है। कुछ परिस्थितियों में इससे तंत्रिका और मांसपेशियों की समस्याएँ हो सकती हैं।

परीक्षा तथ्य: विटामिन E को टोकोफेरॉल कहा जाता है और यह एक महत्त्वपूर्ण एंटीऑक्सिडेंट है।

अध्याय 9: विटामिन K

प्रमुख रूप: विटामिन K1 — फिलोक्विनोन; विटामिन K2 — मेनाक्विनोन।

विटामिन K रक्त के सामान्य थक्के बनने के लिए आवश्यक कुछ प्रोटीनों के सक्रियण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह हड्डियों से संबंधित कुछ प्रोटीनों के कार्य में भी योगदान देता है।

प्रमुख स्रोत

  • पालक
  • पत्तागोभी
  • ब्रोकोली
  • अन्य हरी पत्तेदार सब्जियाँ
  • कुछ किण्वित खाद्य पदार्थ

कमी से होने वाली समस्याएँ

  • रक्तस्राव का जोखिम बढ़ना
  • रक्त का थक्का बनने में कठिनाई

नवजात शिशुओं में विटामिन K की कमी से गंभीर रक्तस्राव हो सकता है। इसी कारण कई स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में जन्म के बाद विटामिन K दिया जाता है।

परीक्षा तथ्य: विटामिन K रक्त के थक्के बनने में महत्त्वपूर्ण है।

अध्याय 10: प्रमुख विटामिनों की तुलना

विटामिनरासायनिक नामकमी से संबंधित प्रमुख रोग
Aरेटिनॉलरतौंधी
B1थायमिनबेरी-बेरी
B2राइबोफ्लेविनएरिबोफ्लेविनोसिस
B3नियासिनपेलाग्रा
B9फोलेटमेगालोब्लास्टिक एनीमिया
B12कोबालामिनमेगालोब्लास्टिक एनीमिया, तंत्रिका क्षति
Cएस्कॉर्बिक एसिडस्कर्वी
Dकैल्सीफेरॉलरिकेट्स, ऑस्टियोमलेशिया
Eटोकोफेरॉलतंत्रिका एवं मांसपेशियों संबंधी समस्याएँ
Kफिलोक्विनोनरक्तस्राव का बढ़ा हुआ जोखिम

ध्यान दें: किसी रोग के कई कारण हो सकते हैं। तालिका में विटामिन की कमी से संबंधित प्रमुख उदाहरण दिए गए हैं।

अध्याय 11: खनिज लवण और उनकी कमी

विटामिनों के साथ-साथ खनिज लवण भी शरीर के लिए आवश्यक हैं।

11.1 आयरन

कार्य: हीमोग्लोबिन के निर्माण में सहायता।

स्रोत: दालें, चना, हरी पत्तेदार सब्जियाँ, मांस और फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ।

कमी: आयरन की कमी से एनीमिया हो सकता है।

11.2 कैल्शियम

कार्य: हड्डियों, दाँतों, मांसपेशियों और तंत्रिका संकेतों के सामान्य कार्य के लिए आवश्यक।

स्रोत: दूध, दही, पनीर, कुछ हरी सब्जियाँ और कैल्शियम से फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ।

कमी: लंबे समय तक अपर्याप्त सेवन से हड्डियों का स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है।

11.3 आयोडीन

कार्य: थायरॉइड हार्मोन के निर्माण में सहायता।

स्रोत: आयोडीन युक्त नमक और कुछ समुद्री खाद्य पदार्थ।

कमी: घेंघा और थायरॉइड की कार्यप्रणाली में गड़बड़ी हो सकती है।

11.4 जिंक

कार्य: प्रतिरक्षा, घाव भरने, वृद्धि और कई एंजाइमों के कार्य में भूमिका।

स्रोत: दालें, मेवे, बीज, साबुत अनाज और पशु-आधारित खाद्य पदार्थ।

कमी: वृद्धि प्रभावित हो सकती है, घाव भरने में देरी हो सकती है और स्वाद या गंध की अनुभूति प्रभावित हो सकती है।

11.5 पोटैशियम

कार्य: मांसपेशियों, तंत्रिकाओं और हृदय की सामान्य क्रिया में सहायता।

स्रोत: फल, सब्जियाँ, दालें और आलू।

कमी: मांसपेशियों में कमजोरी, ऐंठन और हृदय की धड़कन में गड़बड़ी हो सकती है।

अध्याय 12: कुपोषण

कुपोषण वह स्थिति है जिसमें शरीर को आवश्यक ऊर्जा या पोषक तत्त्व पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलते, या कुछ पोषक तत्त्वों की मात्रा आवश्यकता से अधिक हो जाती है।

कुपोषण केवल कम वजन होने तक सीमित नहीं है। अधिक वजन और कुछ पोषक तत्त्वों की अधिकता भी कुपोषण के रूप हो सकते हैं।

12.1 कुपोषण के प्रमुख प्रकार

  1. ऊर्जा एवं प्रोटीन की कमी।
  2. सूक्ष्म पोषक तत्त्वों की कमी।
  3. अधिक ऊर्जा के सेवन से अधिक वजन या मोटापा।
  4. असंतुलित आहार के कारण एक या अधिक पोषक तत्त्वों की कमी।

12.2 प्रोटीन-ऊर्जा कुपोषण

क्वाशियोरकर (Kwashiorkor)

यह गंभीर कुपोषण का एक रूप है, जिसमें प्रोटीन और अन्य पोषक तत्त्वों की अपर्याप्तता महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इसमें सूजन, त्वचा और बालों में परिवर्तन तथा विकास प्रभावित होने जैसे लक्षण हो सकते हैं।

मैरास्मस (Marasmus)

यह गंभीर ऊर्जा की कमी से संबंधित कुपोषण का रूप है। इसमें शरीर का वजन बहुत कम हो सकता है और मांसपेशियों तथा वसा में उल्लेखनीय कमी हो सकती है।

महत्त्वपूर्ण: गंभीर कुपोषण का कारण केवल एक पोषक तत्त्व की कमी नहीं होता। संक्रमण, भोजन की उपलब्धता और अन्य स्वास्थ्य समस्याएँ भी भूमिका निभा सकती हैं।

अध्याय 13: महत्त्वपूर्ण परीक्षा तथ्य

  1. विटामिन A का रासायनिक नाम रेटिनॉल है।
  2. विटामिन B1 की कमी से बेरी-बेरी होता है।
  3. विटामिन B3 की कमी से पेलाग्रा हो सकता है।
  4. विटामिन C का रासायनिक नाम एस्कॉर्बिक एसिड है।
  5. विटामिन C की कमी से स्कर्वी होता है।
  6. विटामिन D कैल्शियम के अवशोषण में सहायता करता है।
  7. बच्चों में विटामिन D की कमी से रिकेट्स हो सकता है।
  8. वयस्कों में विटामिन D की कमी से ऑस्टियोमलेशिया हो सकता है।
  9. विटामिन E एक महत्त्वपूर्ण एंटीऑक्सिडेंट है।
  10. विटामिन K रक्त के थक्के बनने में सहायता करता है।
  11. विटामिन B12 रक्त निर्माण और तंत्रिका तंत्र के लिए महत्त्वपूर्ण है।
  12. फोलेट DNA निर्माण और कोशिका विभाजन में भूमिका निभाता है।
  13. आयरन की कमी से एनीमिया हो सकता है।
  14. आयोडीन थायरॉइड हार्मोन के निर्माण के लिए आवश्यक है।
  15. ADEK वसा में घुलनशील विटामिनों को याद रखने का आसान तरीका है।

अध्याय 14: अभ्यास प्रश्न (MCQ)

प्रश्न 1. विटामिन A का रासायनिक नाम क्या है?

A. थायमिन
B. रेटिनॉल
C. नियासिन
D. टोकोफेरॉल

प्रश्न 2. बेरी-बेरी किस विटामिन की कमी से होता है?

A. B1
B. B2
C. B12
D. C

प्रश्न 3. पेलाग्रा किस विटामिन की कमी से होता है?

A. विटामिन A
B. विटामिन B3
C. विटामिन D
D. विटामिन K

प्रश्न 4. स्कर्वी किस विटामिन की कमी से होता है?

A. A
B. B1
C. C
D. E

प्रश्न 5. रिकेट्स मुख्यतः किस विटामिन की कमी से संबंधित है?

A. विटामिन A
B. विटामिन C
C. विटामिन D
D. विटामिन K

प्रश्न 6. रक्त के थक्के बनने में कौन-सा विटामिन महत्त्वपूर्ण है?

A. विटामिन A
B. विटामिन B1
C. विटामिन C
D. विटामिन K

प्रश्न 7. आयरन की कमी से कौन-सी समस्या हो सकती है?

A. एनीमिया
B. रतौंधी
C. स्कर्वी
D. रिकेट्स

प्रश्न 8. थायरॉइड हार्मोन के निर्माण के लिए कौन-सा खनिज आवश्यक है?

A. आयोडीन
B. सोडियम
C. फ्लोरीन
D. ताँबा

प्रश्न 9. DNA निर्माण के लिए महत्त्वपूर्ण विटामिन कौन-सा है?

A. विटामिन E
B. फोलेट
C. विटामिन K
D. विटामिन A

प्रश्न 10. ADEK में कौन-से विटामिन शामिल हैं?

A. A, D, E, K
B. A, B, C, D
C. B1, B2, B3, B12
D. C, D, B6, B12

उत्तरमाला

  1. B — रेटिनॉल
  2. A — विटामिन B1
  3. B — विटामिन B3
  4. C — विटामिन C
  5. C — विटामिन D
  6. D — विटामिन K
  7. A — एनीमिया
  8. A — आयोडीन
  9. B — फोलेट
  10. A — A, D, E, K

अध्याय 15: निष्कर्ष

विटामिन और खनिज शरीर की सामान्य वृद्धि, प्रतिरक्षा, रक्त निर्माण, तंत्रिका तंत्र, हड्डियों और अनेक जैविक प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक हैं। संतुलित आहार से अधिकांश आवश्यक पोषक तत्त्व प्राप्त किए जा सकते हैं।

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विटामिनों के रासायनिक नाम, प्रमुख स्रोत, कार्य और कमी से होने वाले रोगों का नियमित अभ्यास करना उपयोगी है।

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